War 2 Hindi Review : वॉर 2 देखने से पहले मिक्स फीलिंग थी। एक तरफ ऋतिक रोशन और जूनियर एनटीआर को एक साथ फ्रेम शेयर करते हुए देखने की एक्साइटमेंट थी। तो दूसरी सॉफ्ट कॉर्नर टच करने वाले अयान मुखर्जी के स्पाय यूनिवर्स में एंट्री को लेकर नर्वसनेस।
इन दोनों चीजों का नतीजा भी मिक्स जैसा ही रहा। फिल्म में क्या था, कैसा था आइए हिसाब किताब बैठाते हैं। (ट्रेलर देखें)
War 2 Hindi Review : कबीर की वापसी विद ट्विस्ट
फिल्म बिना भूमिका बनाए सीधे कबीर की एंट्री से शुरू होती है। अच्छी बात ये है कि इस बार उसे किसी के वॉयस ऑवर में उस लेजेंडरी डायलॉग ‘ये मिशन सिर्फ एक ही इंसान कर सकता है’ की जरूरत नहीं पड़ती। क्योंकि कबीर अब बदल चुका है।
उसने रॉ छोड़ दिया है और फ्रीलांसिंग के तौर पर कॉन्ट्रैक्ट किलिंग का काम कर रहा है। इसी तरह के एक कॉन्ट्रैक्ट में उसके तार कलि नेटवर्क से जुड़ते हैं, जो Obviously भारत को खत्म करना चाहता है।
War 2 Hindi Review : नया चेहरा और जय-वीरू की कहानी
कबीर इस टीम से जुड़ जाता है। इसके बाद कुछ पुराने चेहरे बीतते हैं, नए चेहरे आते हैं। कबीर के पीछे रॉ अपना नया एजेंट विक्रम (एनटीआर) छोड़ती है। फिर दोनों के बीच तालमेल, गाने-बजाने, डांस मूव्स, हीरोगिरी और भाईचारे वाला एक्शन दिखाया जाता है। लेकिन इंटरवल ब्लॉक से पहले स्पाय यूनिवर्स वाला जाना-पहचाना ट्विस्ट आ जाता है।
दूसरे हाफ में तेजी से चल रही कहानी बिखरकर रायते की तरह फैल जाती है। फिर 15 अगस्त का मूड बनाकर देशभक्ति देखने गए दर्शकों को कमजोर से क्लाइमेक्स के साथ जय-वीरू टाइप कहानी परोस दी जाती है।
War 2 Hindi Review : रेसिपी में देशभक्ति कम रह गई
YRF के स्पाय यूनिवर्स की फिल्मों को पकाने के लिए आदित्य चोपड़ा साब के पास एक सीधी-सादी रेसिपी है। कहानी कहीं विदेश में शुरू करो, फिर प्रॉब्लम बिल्ड करो। इसके बाद हीरो की एंट्री करवाओ। कॉमेडी और लव स्टोरी जैसे एंगल से इंटरवल फिर ट्विस्ट। इंटरवल के बाद थोड़ा और बिल्ड फिर कैमियो और आखिर में देशभक्ति वाला क्लाईमेक्स।
लेकिन War के पहले भाग तक स्पाय यूनिवर्स नहीं बना था, तो उसकी रेसिपी भी अलग थी। अब चोपड़ा साब को दोनों चीजों को एक साथ लाना था, इसी चक्कर में फिल्म फैल सी गई।
फिल्म अच्छी शुरू हुई थी, ऋतिक की एंट्री पर थोड़ा सा बिल्ड अप बन सकता था। एनटीआर को इंट्रो में अच्छा स्पेस मिला। लेकिन कहानी दो हीरो और वॉर की ट्रेडमार्क पर्सनल लाइफ वाली बॉन्डिंग के चक्कर में स्पाय यूनिवर्स और देशभक्ति वाले ट्रैक से उतर गई। यही वजह रही कि दर्शकों को चिल्लाने वाले मोमेंट नहीं मिले।
War 2 Hindi Review : टेक्निकल पार्ट- एक्शन और डायरेक्शन
कहानी के बाद एक्शन की बात की जाए तो फिल्म में हैंड-टू-हैंड फाइटिंग सीन काफी हद सही रहे हैं, एनर्जी से भरपूर हैं। लेकिन हवाई एक्शन और जहाजों और हेलीकॉप्टर से कूदने-फांदने वाले सीन्स से अपच हो सकती है।
यूनिवर्स की ताकत रहे चेजिंग सीन्स में कई प्रयोग हैं। जैसे कार एक दूसरे के पीछे नहीं आमने-सामने देखते हुए चलती हैं, मोटर बोट भी इसका हिस्सा है, लेकिन पेस और थ्रिलर कमजोर है।
वीएफएक्स कमजोर है। ब्रह्मास्त्र में इसका बखूबी इस्तेमाल करने वाले अयान यहां भुना नहीं पाए हैं। नकली चीजों को पहचानना आसान है। आग का इस्तेमाल कहीं-कहीं जबरदस्ती सा लगता है। कुल मिलाकर एक्शन कोरियोग्राफी के कॉन्सेप्ट सही थे एग्जीक्यूशन बेहतर हो सकता था।
वहीं डायरेक्टर साब की बात करें तो उनके पास उतनी मजबूत कहानी नहीं थी। उन्हें बड़े एक्टर्स के चेहरों पर खेलना था, जहां वे सिद्धार्थ आनंद से पिछड़ गए।
War 2 Hindi Review : जिम वर्सेस विक्रम
फिल्म की कास्ट की बात की जाए तो जूनियर एनटीआर यूनिवर्स में बड़े किरदार के रूप में एंट्री कर रहे हैं। लेकिन उनका रोल काफी हद तक पठान के जिम यानी जॉन अब्राहम के किरदार से मेल खाता है। लेकिन उनके अराउंड ऑरा क्रिएट नहीं हो पाता जो जॉन के अराउंड हुआ था। इसमें सबसे बड़ी कमी यह भी थी कि स्टोरी को उनका ग्रे शेड मेन्टेन करना था।
बाकी ऋतिक रोशन एज यूजुअल शानदार दिखे हैं, लेकिन शायद कुछ और बेहतर निकलकर आ सकता था। कियारा आडवाणी को ग्लैमर के लिए और कुछ एलिमेंट्स को एक सिरे से दूसरे तक पहुंचाने के लिए भर रखा गया है। लेकिन सरप्राइज पैकेज अनिल कपूर हैं।
War 2 Hindi Review : फिल्म देखें या नहीं
देशभक्ति का ज्यादा उबाल चढ़ा है तो देख सकते हैं लेकिन ज्यादा कुछ सिनेमाघरों से अपने साथ बाहर लाने जैसा नहीं। सीधे शब्दों बात यही है कि फिल्म में रोंगटे खड़े करने वाला एक भी सीन नहीं है। बाकी पोस्ट क्रेडिट में बॉबी देओल दूसरा हाफ हाफ के जख्म पर थोड़ी सी सिकाई सी कर देते हैं।
ये रिव्यूज भी पढ़ सकते हैं…
Special Ops 2 Review In Hindi : हिम्मत सिंह के Aura के लिए सीरीज देख सकते हैं, कहानी बेहद कमजोर किस्म की

आधे दशक के लंबे इंतजार और एक स्पिन ऑफ के बाद आखिरकार हिम्मत सिंह अपने एक और स्पेशल ऑप के साथ लौट आए हैं।
स्पेशल ऑप्स नाम से तो आप वाकिफ होंगे ही। पिछले सीजन नहीं देखे हैं या भूल भी गए हैं तो कोई दिक्कत नहीं है। मेकर्स नई कहानी (शायद) के साथ आएं है जिसमें आपको पुरानी चीजों को याद करने की कतई जरूरत नहीं है।
लेकिन इस सीजन के लिए पांच साल का इंतजार वर्थ इट है? आइए डिकोड करते हैं…
The Hunt Hindi Review : असल घटना पर एक इन्साइट फुल ड्रामा, कास्ट और एक्टिंग शो की सबसे मजबूत कड़ी

पेरम्बदूर दक्षिण भारत की एक जगह है। देश भर में कम ही लोग इसे जानते हैं। जो जानते हैं उनमें से बड़ा हिस्सा इसलिए जानता होगा क्योंकि यह वही जगह हैं जहां देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की एक आत्मघाती हमले में हत्या कर दी गई थी।
यह घटना 21 मई 1991 को एक चुनावी रैली के दौरान हुई। लेकिन क्यों हुई इन सब के पीछे कौन लोग थे? इसका जवाब हाल ही में सोनी लिव पर आई वेब सीरीज द हंट : द राजीव गांधी असैसिनेशन केस दे रही है। पूरा रिव्यू पढ़ें…
