Badass Ravi Kumar Hindi Review : बाप का बदला, भाई का बदला, अधूरी मोहब्बत, अपने देश की रक्षा, दुनियाभर में दुश्मनों से लड़ाई ये सब Himesh Reshammiya अपनी अगली फिल्म Badass Ravikumar में कर रहे हैं।
अपने म्यूजिक के लिए मशहूर हिमेश की ये फिल्म बिना किसी झिझक के एक चेतावनी देती है, कि फिल्म देखने के लिए लॉजिक ऑप्शनल है।
रज़ा मुराद की गूंजती आवाज किरदारों का परिचय कराते हुए साफ बता देती है कि यह फिल्म सिर्फ और सिर्फ मनोरंजन के लिए बनी है,तो इसमें कोई तर्क मत खोजिए।
Badass Ravi Kumar Hindi Review : कहानी मिल जाए तो ढूंढ लो
फिल्म की कहानी ऐसी है कि लंबे बाल रखने के कारण पुलिस अफसर को सस्पेंड कर दिया जाता है, लेकिन रवि नियमों के हिसाब से नहीं चलता। उसे अपराधियों को हथकड़ी पहनाने से ज्यादा उन्हें गोली मारने में यकीन है।
अगर कोई विलेन उसके एक्शन से बच भी जाए, तो भी रवि उसे ढूंढ कर मारेगा—वो भी धांसू डायलॉग के साथ।
कोई गलतफहमी मत पालिए, रवि कुमार पठान है, गदर का तारा सिंह है, जवान है—सब कुछ एक साथ। जब भी वह बोलता है, आवाज़ गूंजती है। वह हम आम इंसानों की तरह सामान्य नहीं है—जो भी कहता है, तुकबंदी में कहता है।
Badass Ravi Kumar Hindi Review : दिमाग मत लगाओ
ये फिल्म सिर्फ विलेन पर नहीं, बल्कि हमारे सेंसेस पर भी हमला करती है, सोचने की एबिलिटी इसकी सबसे बुरी शिकार बनती है। लेकिन हिमेश ने पहले ही साफ कर दिया था: “लॉजिक ऑप्शनल”। तो अब उनसे इस मास्टरपीस के बारे में कोई शिकायत करना बेकार है, क्योंकि उनके पास हर आलोचना का जवाब तैयार है।
यहां कोई कहानी नहीं है। हिमेश वही करते हैं, जो हिमेश को पसंद है। कभी वह चेनसॉ से लोगों को चीरते हैं, कभी गोली खाकर घाटी से कूद जाते हैं… फिर सेकंड हाफ में 15 मिनट के एक लंबे डांस सीक्वेंस में लौट आते हैं, जहां सनी लियोनी के साथ बैक टू बैक 5 गाने होते हैं
पहले ‘तंदूरी डेज़’, फिर श्रेया घोषाल का दिल तोड़ने वाला गीत, फिर अचानक एक पेप्पी डांस नंबर—हिमेश आपको एक सेकंड का भी वक्त नहीं देते कि आप सोच पाएं कि हो क्या रहा है।
Badass Ravi Kumar Hindi Review : जहां भी हैं हिमेश ही हैं
एक इमोशनल बैक स्टोरी भी है कि वह सिगरेट का पैकेट अपने पास क्यों रखते हैं लेकिन कभी पीते नहीं। फिर आता है डायमंड हीस्ट सीन, जिसने थिएटर में सभी को हंसी के मारे लोटपोट कर दिया। क्या कुछ भी ऐसा है जो रवि कुमार नहीं कर सकते?
हिमेश ने म्यूजिक, लिरिक्स, स्टोरी और प्रोडक्शन सब कुछ खुद ही किया है—और हां, पूरी फिल्म के हर फ्रेम में सिर्फ वही हैं। उनसे बचने का कोई रास्ता नहीं है। “आई एम द सन ऑफ द सॉयल,”वो अचानक कहीं भी यह डायलॉग मार देते हैं।
लेकिन एक बात माननी पड़ेगी—फिल्म छोड़कर बीच में कोई भी नहीं गया। सबने इस “ब्रेनरॉट” का पूरा आनंद उठाया।
Badass Ravi Kumar Hindi Review : क्रिंजफेस्ट है बस इतना याद रखिए
पूरी फिल्म में सिर्फ एक इंसान स्क्रीन पर आते ही सबको होश में लाता है—कीर्ति कुल्हारी। लेकिन सवाल उठता है—उनकी इतनी बेहतरीन एक्टिंग स्किल्स के बावजूद वो यहां कर क्या रही हैं? उनका किरदार बस इतना ही करता है कि सिगरेट पीते हुए ग्लैमर दिखाए—ये देखकर शॉक लगता है कि उन्हें यह रोल क्यों करना पड़ा?
कुल मिलाकर, ‘बैडस रवि कुमार’ उम्मीद के मुताबिक एक क्रिंजफेस्ट है, और मेकर्स ने ये बात पहले ही ट्रेलर में साफ कर दी थी। जो वादा किया, वही दिया। अगर आप हिमेश रेशमिया के फैन हैं, तो ये फिल्म आपके लिए है।
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